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पंजाब की 12 लड़कियों को मिलेगा संगरूर में धी पंजाब दी अवार्ड


Gadwal:

परिवर्तन मालवा फ्रेंडस वेलफेयर सोसायटी द्वारा 12 जनवरी को राष्ट्रीय धी दिवस को समर्पित संगरूर वाली कोठी धूरी में करवाए जाएगा, जहां पंजाब भर में से विशेष उपलब्धि हासिल करने वाली 12 लड़कियों को धी पंजाब दी अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। परिवर्तन के प्रधान प्रधान गुरतेज सिंह तेजी, जसविदर कुमार, जगरूप सिंह व देवी दियाल ने कहा कि समाज में लड़कियों के साथ बुरा व्यवहार बढ़ रहा है। इसलिए शिक्षा, खेल, संगीत, विज्ञान, बहादुरी, साहित्य आदि क्षेत्रों में प्रदर्शन करने वाली बेहतरीन लड़कियों के सम्मान को बरकरार रखने के लिए संस्था लोहड़ी पर उन्हें सम्मानित करेगी। समारोह में मुख्य मेहमान अतिरिक्त डीसी संगरूर राजेश त्रिपाठी, एसडीएम लतीफ अहमद, डीएसपी हरप्रीत सिंह व एमडी राईसिला विजय गोयल होंगे। प्रसिद्ध सूफी गायका ऋतु नूरा, व्यास ऑफ पंजाब सुखप्रीत कौर, गुलशन मीर व विभिन्न स्कूलों के छात्र रंगारंग प्रोग्राम पेश करेंगे।

तलाकशुदा चंदा पुराने कार के पार्ट का चला रही है कारोबार

लुधियाना की चंदा ने की शादी उसके माता-पिता ने 16 वर्ष की आयु में ही क दिया थी। पति ने उसे मर्जी के बिना ही तलाक दे दिया। जब उसका तलाक हुआ था उस समय उसके एक बच्चा भी था। अकेले ही बच्चे की परवरिश करना बहुत बड़ी चेतावनी थी, मगर बावजूद इसके उसने हिम्मत नहीं हारी व समाज की परवाह किए बिना ही डेंटिग पेंटिग का काम सीखा। अब वह लुधियाना में पुराने कार के पा‌र्ट्स खरीदने व बेचने का कारोबार कर रही हैं।

औरतें अपने अस्तित्व को पहचानें : अमरजीत

ऐसी सेवा जिस की तरफ बहुत कम ही लोग रुख करते हैं, वह सेवा है लावारिश लाशों का संस्कार करना। अगर यह सेवा कोई महिला करें तो यकीन करना और भी कठिन हो जाता है। वर्षों से यही सेवा निभा रही चंडीगढ़ की अमरजीत कौर ढिल्लों ने बताया कि वह पटियाला से हैं व वह बीए पास हैं। उनके घर का शुरु से ही माहौल धार्मिक था। गुरु घर जाना, पाठ करना व सबकी भलाई की कामना करना उनके पिता राम सिंह ने उन्हे ऐसे ही संस्कार दिए। 1980 में चंडीगढ में पंजाब एंड सिध बैंक में उन्हे क्लर्क की नौकरी मिली। नौकरी के दौरान वह रेडक्रास में सेवा करवाती थी। हार्ट लाइन स्कीम के तहत उन्होंने जरूरतमंद लोगों के लिए फंड जुटाया। एक बार एक हार्ट की बीमारी से पीड़ित नौजवान विदेश से पीजीआई में उपचार करवाने आया था, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उन्होंने मिलकर उसका संस्कार किया था। इसके बाद उन्होंने कई लावारिश लाशों के संस्कार की सेवा निभाई। वह भविष्य में भी औरतों के लिए काम करना चाहती हैं। उन्होंने औरतों को अपना अस्तित्व को बनाए रखने का संदेश दिया। फोटो फाइल: 27

ऑटो रिक्शा चला परिवार को पाल रही है: हरदीप कौर

लुधियाना में पैदा हुई हरदीप कौर ने भी बहादुरी व जज्बे की मिसाल देते हुए पति दर्शन सिंह के बीमार होने के बाद तीन बेटियों को पालने व पति का इलाज करवाने हेतु खुद ही बरनाला शहर में आटो चलाना रही है। हरदीप के पति जब बीमार रहने लगे थे तो उन्होंने हरदीप को आटो चलाना सिखा दिया था। मजबूरी में किसी ने उनकी कोई मदद नहीं की आखिरकार हौसला कर ऑटो सड़क पर उतार ही दिया था। उसने कहा कि उसे धी पंजाब दी अवार्ड मिलेगा यह सोच कर ही उसे खुद पर बड़ा फक्र होता है।

झोपड़ी में रहती है सविता, कबड्डी में हासिल किया स्वर्ण

झोंपड़ी में रहने वाली व पुलिस लाईन के प्राइमरी स्कूल में पांचवीं में पढ़ने वाली कबड्डी की खिलाड़ी सविता ने एक मिसाल बन साबित कर दिया है कि लाखों मुश्किलों का सामना कर, भूखे रहकर भी मंजिल की तरफ अग्रसर रहना चाहिए। पिता हर्ष मान को नशे की लत है व माता शांति घरों में काम कर परिवार को पाल रही है। सविता की टीचर राजदीप कौर ने बताया कि कई बार सविता भूखे ही स्कूल आ जाती है। तब वह उसको खाने के लिए कुछ देते हैं। सविता की वजह से इस बार कबड्डी टीम ने संगरूर ने स्वर्ण पदक जीता।

सहजप्रीत रह चुकी हैं ब्रांड अंबेस्डर

बठिडा की सहजप्रीत कौर आन लाइन फिल्म इंस्टीट्यूट की ब्रांड अंबेस्डर रह चुकी हैं। उसने साइन डांस प्लेनेट का खिताब अपने नाम किया है। आल इंडिया स्तर पर हुए टैलेंट खोज के फाइनल में पहुंच चुकी हैं।

संगरूर के गांव डुडियां की लवप्रीत कौर ने पीएसईबी द्वारा मार्च 2019 के 12वीं के नतीजों में 450 से 448 अंक लेकर क्षेत्र का नाम रोशन किया।

लुधियाना की नेहा वर्मा ने दसवीं कक्षा में पूरे पंजाब में 650 अंक में से 647 अंक प्राप्त करके पंजाब का नाम रोशन किया।

संगरूर के गांव बलरां मूनक की प्रियंका ने रोप स्कीपिग ने स्वर्ण पदक जीत जिले का नाम रोशन किया। दिल्ली में आयोजित नेशनल स्कूल गेम में चांदी का मेडल जीता है।

संगरूर के गांव बेनड़ा की संदीप कौर ने योगा में तीन बार स्वर्ण जीता जिले का नाम रोशन किया।

बठिडा की मनप्रीत कौर ने कराटे मुकाबलों में पूरे पंजाब में स्वर्ण पदक हासिल किया। पटियाला की जसप्रीत कौर का साहित्य के क्षेत्र में बड़ा योगदान है। सैंकड़ों किताबें लिख चुकी हैं। समाज सेवा के लिए सदैव तैयार रहती हैं।

संगरूर की जरनैल कौर ने लंबी छलांग व जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक, मई 2019 में थाईलैंड के शहर बैंकाक में इंटरनेशनल मास्टर गेम में लंबी छलांग में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।

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