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जिले में भूजल स्तर गिरा, कई गांव में 200 फीट पर भी पानी नहीं


Gadwal:

जिले में भूजल स्तर गिरा, कई गांव में 200 फीट पर भी पानी नहीं

रायगढ़. शहर सहित पूरे जिले में भू-जल स्तर में इस वर्ष रिकार्ड गिरावट आई है। जून में जमीन के अंदर पानी का लेवल 27.5 मीटर हो गया है। पिछले साल अप्रैल में भू-जल स्तर 26.5 मीटर था। लोक स्वास्थ्य यांत्रिक (पीएचई) के आंकड़ों में जमीन का पानी औसत स्तर 24 से 42 मीटर की गहराई तक पहुंच गया है। जिले के 9 ब्लॉक में 516 गांव डार्क जोन में जा चुके हैं। 14884 हैंडपंपों में 1583 ने काम करना बंद कर दिया है। अधिकतर हैंडपंपों में मटमैला पानी निकल रहा है।

ट्यूबवेल खोदने पर पाबंदी और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का भी फर्क नहीं

  1. जिले के बरमकेला, सारंगढ़, सरिया, तमनार ब्लॉकों में कहीं-कहीं पानी 200 फीट पर भी नहीं मिल रहा है। अधिकतर कुएं सिर्फ गड्ढे बनकर रह गए। गांवों में निस्तारी तालाबों का भी यही हाल है। शहर के सबसे नजदीक में बसे गढ़ उमरिया गांव में एक दशक पहले पेयजल और निस्तारी के लिए तालाब पर आश्रित थे। पर अब गांव का तालाब पूरी तरह से सूख चुका है। गांव के छह बोरिंग का पानी रसातल में चला गया है। सिर्फ एक बोरिंग से ही पानी निकलता है। ग्राउंड वाटर लेवल को बढ़ाने के लिए ट्यूबवेल खोदने पर पाबंदी व रेन वाटर हार्वेस्टिंग से भी खास फर्क नहीं पड़ा है।
  2. महानदी सूख गई, कुछ में बस पतली धार बह रही

    भू-जल स्तर में गिरावट का असर नदियों पर भी देखा जा रहा है। जिले की कई बड़ी नदियों ने इन दिनों नाले का रूप ले लिया है। सरिया बरमकेला क्षेत्र की जीवनदायिनी महानदी में पानी की पतली सी धार बह रही है। जबकि यह वह नदी है जिसमें बरसात की बाढ़ भयावह होती है। गर्मी के दिनों में भी पहले इस नदी में इतना पानी होता था कि लोग तैरकर पार नहीं हो पाते थे। पर वर्तमान में नदी में कहीं पर भी घुटने भर तक पानी नहीं है। मांड नदी में एक बूंद भी पानी नहीं है। केलो डेम बनने से केलो नदी की हालत कुछ हद तक ठीक है।

  3. क्या है जिले के भू-जल स्तर में गिरावट की मुख्य वजह 
    पेड़ों की अंधाधुंध कटाई व कम होते जंगल। निजी उपयोग के लिए हुए बोर की भरमार। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को कड़ाई से लागू ना करना। गांव-गांव में बन रही सीसी रोड, ढ़लाई और एसबेस्टस की छत वाले मकान की संख्या का बढ़ना। जिस वजह से बरसात का पानी जमीन में नहीं समा पाता।
  4. जल स्तर में गिरावट 
    साल वाटर लेवल 
    2016 24.3
    2017 25.5
    2018 26.5
    2019 27.5

    क्या करें उपाय

    जंगल में कटाई की वजह से खाली जगह पर फिर से पौधरोपण कर जंगल विकसित किए जाएं। बरसात के पानी को रोकने के लिए स्टाप डैम का निर्माण। हर घर में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम। बोर खनन में रोक लगाते हुए प्राकृतिक जल स्रोतों को सहेंजें।

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